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CRAFT ACTIVITY

​जैसे हम अपने घरों में रहते हैं, वैसे ही पक्षी भी अपने लिए घोंसला बनाते हैं। बस फर्क यह है कि हम सीमेंट-कांक्रीट के घरों में रहते हैं और वे बहुत मेहनत से तिनका-तिनका जोड़कर अपने लिए आशियाना तैयार करते हैं|  इसी बात से प्रभावित होकर एचपीएस सीनियर सेकेंडरी स्कूल की नटखट संस्था के क्राफ्ट गतिविधियों के सप्ताहिक कार्यक्र्म में नौवी कक्षा के विद्यार्थियों ने पक्षियों के लिए वेस्ट मटिरियल से पक्षियों के लिए आकर्षक व आरामदायक घर बनाकर बाजी मारी| 

​इ​स अवसर पर शिक्षा​ ​निदेशका सुजाता सचदेवा ने कहा कि घोंसला एक प्राणी विशेष तौर पर एक पक्षी का​ ​शरण स्थल है जहां पर यह अंडे देते हैं, रहते हैं और अपनी संतानो को पालते हैं।​ ​एक घोंसला आमतौर पर कार्बनिक सामग्री जैसे टहनी, घास और पत्ती; आदि से बना होता​ ​है पर, कभी कभी यह जमीन​ ​में एक गड्ढा़,पेड़ का​ट ​कर, चट्टान या इमारत​ ​में छेद के रूप मे भी हो सकता है। मानव निर्मित धागे, प्लास्टिक, कपड़े, बाल या कागज जैसे पदार्थों का इस्तेमाल भी​ ​प्राणी घोंसला बनाने मे करते हैं।आमतौर पर​ ​प्रत्येक प्रजाति के घोंसले की एक विशिष्ट शैली होती है। घोंसलों को कई अलग अलग​ ​पर्यावासों में पाया जा सकता है। यह् मुख्यतः पक्षियों द्वारा बनाये जाते हैं पर स्तनधारी जन्तु जैसे गिलहरी, मछली, कीट और सरीसृप भी घोंसलों कानिर्माण करते हैं।विद्यालय प्रिन्सिपल एवं निदेशक आचार्य रमेश सचदेवा ने कहा किविद्यार्थियों कि यह गतिविधि अपने आप में हृदय को स्पर्श करने वाली है और यह गतिविधिनैतिक शिक्षा कि अद्भुत मिसाल है| एचपीएस जिस बात के लिए जाना जाता है यह उसका प्रमाण है| वास्तव में नैतिक शिक्षा पुस्तकों से  नहीं दी जा ​सकती ​इसके लिए स्न्वेदनाओं को जगाना​ ​पड़ता है जिसके लिए एचपीएस का स्टाफ तन्मयता से अपने कार्य में लीन है|